श्रीकांत शर्मा विशेष संवाददाता जिला दतिया ग्रामीण
दतिया प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला न्यायालय में जिला मॉनिटरिंग सेल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति, लंबित मामलों के निराकरण तथा संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।बैठक का उद्देश्य विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए उनके समयबद्ध निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।बैठक में विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार धाकड़, कलेक्टर स्वप्निल वानखडे, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सतीश वसुनिया, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री निधि पिंटो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला सहित अन्य संबद्ध न्यायिक अधिकारीगण और जिला प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित न्यायालयीन प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा प्रकरणों में निर्धारित समय- सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी, अभिलेख एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। न्यायालयों में लंबित मामलों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।बैठक में न्यायालयों से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं, लंबित कार्यों तथा प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने के लिए कहा गया। साथ ही, न्यायालयीन कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।बैठक के दौरान न्यायालय द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों में सहयोग प्रदान करने तथा उन्हें सफल बनाने में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उक्त प्रशस्ति पत्र न्यायाधीश उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर जी.एस. आहलूवालिया द्वारा कलेक्टर श्री वानखड़े को प्रेषित किया गया था जिसे प्रधान न्यायाधीश द्वारा प्रदान किया गया।न्यायालय द्वारा संचालित अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन, जिला प्रशासन एवं न्यायालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने में जिला प्रशासन की भूमिका को सराहनीय माना गया।कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा न्यायालयीन कार्यों एवं अभियानों में समन्वय के साथ सहयोग प्रदान किए जाने के फलस्वरूप यह प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।


