श्रीकांत शर्मा विशेष संवाददाता जिला दतिया ग्रामीण
दतिया। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, दतिया के त्वचा, एवं कुष्ठ रोग विभाग द्वारा गुरुवार को नवीन ओपीडी भवन की दूसरी मंजिल स्थित एलटी-5 में सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) का आयोजन किया गया। सीएमई का उद्देश्य चिकित्सकों एवं चिकित्सा विद्यार्थियों को त्वचा रोगों के आधुनिक निदान एवं उपचार संबंधी नवीनतम जानकारी से अवगत कराना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ फ्लोरल वेलकम एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सीएमई के उद्देश्य एवं कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. उज्जवल झारिया, सीनियर रेजिडेंट ने प्रस्तुत की। इसके बाद डॉ. प्रशांत हरित, एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, ने अतिथियों का स्वागत किया।सीएमई में डॉ. ध्रुव प्रेमी अग्रवाल, सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट, ग्वालियर एवं अध्यक्ष, डर्मेटोलॉजी सोसायटी ऑफ ग्वालियर ने “डिफरेंशियल डायग्नोसिस इन डर्मेटोलॉजी” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विभिन्न त्वचा रोगों के बीच अंतर करने में क्लिनिकल परीक्षण एवं व्यवस्थित निदान के महत्व पर प्रकाश डाला।इसके बाद डॉ. योगेश सिंह कसेडिया, सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट, जीआरएमसी मेडिकल कॉलेज, ग्वालियर एवं सचिव, डर्मेटोलॉजी सोसायटी ऑफ ग्वालियर, ने “विटिलिगो सर्जरी” विषय पर व्याख्यान दिया तथा विटिलिगो में सर्जिकल उपचार की आधुनिक तकनीकों एवं उनके उपयोग पर जानकारी साझा की।कार्यक्रम में विशेषज्ञों के साथ इंटरैक्टिव प्रश्न–उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने त्वचा रोगों से संबंधित विभिन्न चिकित्सकीय विषयों पर चर्चा की।इस अवसर पर जीएमसी दतिया के डीन एवं सीईओ डॉ. दीपक सिंह मरावी ने कीनोट मुख्य संबोधन के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. दीपक अर्गल, असिस्टेंट प्रोफेसर, ने आभार व्यक्त किया।सीएमई के आयोजन में डॉ. प्रशांत हरित (ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन), डॉ. के.पी. बरैठिया (जॉइंट सेक्रेटरी) एवं डॉ. दीपक अर्गल (ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. उज्जवल झारिया एवं डॉ. नीरज धाकड़ रहे।सीएमई में विशेषज्ञों के व्याख्यान एवं इंटरैक्टिव चर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों को त्वचा रोगों के आधुनिक निदान तथा विटिलिगो के सर्जिकल प्रबंधन से संबंधित उपयोगी एवं व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।


