लोकेश मिश्रा बुंदेली संपादक

दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठन स्तर पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश नेतृत्व ने दतिया जिले की पूरी संगठनात्मक टीम को भंग कर दिया है। जिलाध्यक्ष से लेकर मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ और प्रकल्पों तक के सभी पदाधिकारियों को पदमुक्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई से जिले में करीब 900 से अधिक पदाधिकारी प्रभावित हुए हैं।
प्रदेश नेतृत्व ने साफ संकेत दिए हैं कि अब दतिया में संगठन का पुनर्गठन किया जाएगा और पार्टी के प्रति समर्पित तथा सक्रिय कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
भोपाल में हुई समीक्षा, बनाई गई दो सदस्यीय समिति
उपचुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी सहित जिले के प्रमुख नेताओं को भोपाल बुलाकर हार की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा समेत वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुई बैठक में हार के कारणों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति को दतिया में चुनावी हार के कारणों की जांच और भीतरघात की शिकायतों की समीक्षा का जिम्मा सौंपा गया।
रिपोर्ट के बाद पूरी जिला कार्यकारिणी भंग
समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश नेतृत्व ने तत्काल प्रभाव से दतिया भाजपा जिला कार्यकारिणी को भंग करने का फैसला लिया। जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह सहित पूरी जिला टीम, सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ और प्रकल्पों को समाप्त कर दिया गया। संगठन का कहना है कि जल्द ही नई टीम का गठन किया जाएगा।
भीतरघात पर सबसे ज्यादा फोकस
पार्टी के भीतर यह चर्चा है कि उपचुनाव में भीतरघात हार की सबसे बड़ी वजह रहा। इसी कारण संगठन अब जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी में है। प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए संगठन को नए सिरे से खड़ा करना जरूरी है।
सिर्फ तीन राउंड में मिली बढ़त
समीक्षा बैठक में मतगणना के आंकड़ों पर भी चर्चा हुई। 15 राउंड की काउंटिंग में भाजपा को केवल पहले, पांचवें और चौदहवें राउंड में बढ़त मिली, जबकि बाकी अधिकांश राउंड में कांग्रेस आगे रही। वरिष्ठ नेताओं ने इस बात पर भी मंथन किया कि यदि कांग्रेस इतनी मजबूत स्थिति में थी तो संगठन को इसकी समय रहते जानकारी क्यों नहीं मिल सकी।
नए चेहरों को मिलेगी जिम्मेदारी
प्रदेश नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि अब संगठन में नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाया जाएगा। जिला अध्यक्ष से लेकर मंडल और मोर्चों तक नई नियुक्तियां की जाएंगी। पार्टी का उद्देश्य संगठन को फिर से मजबूत करना और आगामी चुनावों के लिए नई रणनीति तैयार करना है।
6016 वोटों से मिली थी हार
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने 66,757 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट मिले। कांग्रेस ने भाजपा को 6,016 वोटों के अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी। इस हार के बाद भाजपा संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

