लोकेश मिश्रा बुंदेली संपादक Public Outrage Erupts in Datia Against the UGC Law, Torch March Held दतिया। यूजीसी कानून के विरोध की आग अब दतिया की सड़कों तक जा पहुंची है। शनिवार रात सर्व समाज के सैकड़ों लोग हाथों में मसाल लेकर सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किला चौक से शुरू हुआ यह आक्रोश मार्च तिगेलिया होते हुए टाउन हॉल तक पहुंचा और फिर वापस किला चौक पर आकर थमा, लेकिन गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। करीब 400 से अधिक लोगों की भीड़ ने इस मार्च को महज एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक चेतावनी का रूप दे दिया। युवाओं के हाथों में जलती मसालें और जुबान पर एक ही नारा गूंज रहा था, “यूजीसी कानून वापस लो, हमारी मांगें पूरी करो।” यह नारा सिर्फ हवा में नहीं गूंजा, बल्कि सत्ता के गलियारों तक अपनी आंच पहुंचाने का इरादा साफ दिखा।प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि यह लड़ाई अब दतिया की गलियों में सिमटने वाली नहीं है। अगर सरकार ने यूजीसी कानून को वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन दतिया से निकलकर सीधे दिल्ली के जंतर-मंतर तक अपनी दस्तक देगा। यानी स्थानीय विरोध अब राष्ट्रीय आंदोलन में तब्दील होने की तैयारी में है। सबसे तीखी चेतावनी यह रही कि जरूरत पड़ने पर दतिया की सड़कों पर चक्काजाम कर दिया जाएगा और आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। खास बात यह रही कि यह विरोध किसी एक जाति, वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं रहा। सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने साफ कर दिया कि यह लड़ाई किसी एक तबके की नहीं, बल्कि हक और अधिकार की सामूहिक जंग है। इसी वजह से समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर मैदान में उतरने का खुला आह्वान किया गया और भीड़ में शामिल युवाओं की तादाद ने इस आह्वान का असर भी दिखा दिया।रिंकू बुंदेला ने प्रदर्शनकारियों की ओर से स्पष्ट संदेश दिया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन थमने वाला नहीं है। शनिवार रात का यह मार्च महज शुरुआत भर था आने वाले दिनों में विरोध की धार को और तेज करने की खुली चेतावनी दी जा चुकी है। शांतिपूर्ण ढंग से जलाई गई मसालों की रोशनी में जो सवाल उठे, वे प्रशासन और सरकार दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। सड़क पर उतरा जनसैलाब यह साफ संकेत दे गया, अगर वक्त रहते सुनवाई नहीं हुई, तो यह चिंगारी बड़ी आग का रूप ले सकती है। अब देखना यह है कि सरकार इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेती है, या फिर आंदोलन को दिल्ली के दरवाजे तक पहुंचने देती है।